
भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने प्रदेश अध्यक्ष के आदेशों को ताक पर रखकर बगैर जिलाध्यक्ष के अनुमोदन के युवा मोर्चा की जिला कमेटी घोषित की थी जिस पर कार्रवाई करते हुए जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल ने जिला प्रभारी सतेंद्र सिशिदिया से मंत्रणा करके पूरी कमेटी को भंग करते हुए कार्यकारिणी को निरस्त कर दिया था। भाजयुमो जिलाध्यक्ष ने लखनऊ से ही युवा मोर्चा की जिला कमेटी घोषित कर दी तथा जिला प्रभारी को भी विश्वास में नही लिया था।
तभी से भारतीय जनता युवा मोर्चा की जिला कमेटी विवादों में आ गई है। युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष के निर्देशों को भी कमेटी की घोषणा में ताक पर रख दिया गया इस पर कड़ी कार्रवाई करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष ने पूरी कमेटी को भंग करते हुए घोषित की गई कार्यकारिणी को निरस्त कर दिया है।
बता दें कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी ने 27 अगस्त को गाजियाबाद जिलाध्यक्ष पद पर लोनी निवासी हिमांशु शर्मा का नाम घोषित किया था, इसके बाद हिमांशु शर्मा ने बगैर भाजपा जिलाध्यक्ष की सहमति के खुद ही जिला कमेटी की घोषणा कर दी। जबकि भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी ने 31 अगस्त को प्रदेश पदाधिकारियों के साथ ही क्षेत्रीय अध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष भाजयुमो को पत्र भेजकर स्पष्ट किया था कि कमेटी की घोषणा किस प्रकार करनी है इस पत्र में भी कहा गया था कि भाजयुमो जिलाध्यक्ष अपनी जिला कार्यकारिणी की सूची तैयार कर भाजपा जिलाध्यक्ष से अनुमोदन एवं प्रदेश, प्रभारी पदाधिकारी से चर्चा के बाद ही घोषित करें। लेकिन उन्होंने इन आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए खुद ही कार्यकारिणी तैयार करके बिना अनुमोदन कराए ही प्रदेश उपाध्यक्ष सोनू वाल्मीकि से हस्ताक्षर करवाकर घोषित कर दी।
पार्टी के निर्देशों के विपरीत कमेटी घोषित करने पर भाजपा जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल ने जिला प्रभारी सत्येंद्र शिशौदिया से मंत्रा करके युवा मोर्चा की पूरी जिला कार्यकारिणी को अवैध घोषित कर दिया और कहा कि बगैर जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी की संस्तुति के घोषित कमेटी अवैध है
मिली जानकारी के अनुसार भाजयुमो जिलाध्यक्ष हिमांशु शर्मा ने अपनी उम्र भी गलत बताई है उन्होंने अपनी आयु 32 वर्ष बताई है जबकि इस संबंध में जिलाध्यक्ष भाजपा से शिकायत मिली है कि उनकी उम्र 39 वर्ष है। इसको लेकर भी पार्टी गंभीर है परंतु हिमांशु शर्मा अपने आकाओं के पास हाजिरी लगाने पहुंच गए है देखना यह है की क्या इस व्यवहार पर भी हिमांशु शर्मा के आका उन्हे बचा पाएंगे?
हिमांशु शर्मा ने कमेटी में स्थान देने के लिए मोदीनगर के चिराग कौशिक नाम के व्यक्ति को जिला कमेटी में जिला कार्यकारिणी सदस्य बनाया है। जबकि उसका असली नाम चिराग त्यागी है जो कि मुरादनगर के गांव खिमावमी का रहने वाला है। ब्लाक प्रमुख चुनाव में चिराग त्यागी पर पार्टी विरोधी काम करने का आरोप लगा था। आरोप था कि भाजपा प्रत्याशी राजीव त्यागी के समर्थक एक बीडीसी सदस्य को वह उठाकर ले गया था।
जानकारी के अनुसार मामला अब प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह एवं प्रदेश महामंत्री (संगठन ) सुनील बंसल के पास पहुंच गया है। सूत्रों के अनुसार बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह के साथ ही प्रदेश महामंत्री एवं प.उ.प्र. प्रभारी जे.पी.एस राठौर भी गाजियाबाद आ रहे हैं, उनके सामने भी यह मुद्दा उठ सकता है। वैसे अनुशासित मानी जाने वाली भाजपा में युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष द्वारा इस प्रकार की हठधर्मिता, पार्टी के निर्देश की अवहेलना, वरिष्ठ पदाधिकारियों से बिना सामंजस्य बनाए मनमर्जी करने, एवम पार्टी लाइन के विरुद्ध कार्य करने पर हिमांशु शर्मा के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग जिला भाजपा में हो रही है
इस प्रकार कमेटी घोषित करने को पार्टी नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल ने प्रदेश नेताओं से बात कर कमेटी को भंग करने की घोषणा की थी। मामले में बातचीत के लिए मंगलवार को युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सोनू वाल्मीकि एवं हिमांशु शर्मा पार्टी के नेहरू अपार्टमेंट स्थित जिला कार्यालय आए जानकारी के अनुसार यहां पर जिलाध्यक्ष दिनेश सिंघल एवं जिला प्रभारी (अब मुजफ्फरनगर के) सत्येंद्र शिशौदिया ने दोनों युवा नेताओं को खरी खरी सुनाई। उन्होंने कहा कि यदि कमेटी की घोषणा अपने अनुसार ही करनी थी तो जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रभारी के हस्ताक्षर करवाये जाते। लेकिन घोषणा लखनऊ बैठकर की गई जो गलत है। इसके साथ ही सत्येंद्र शिशौदिया ने कहा कमेटी को जिलाध्यक्ष ने भंग कर दिया है। युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष का निर्णय प्रदेश नेतृत्व करेगा जिसमे हिमांशु शर्मा के विरुद्ध सख्त कार्रवाई तय मानी जा रहीं है।
