अखिल भारतीय व्यापारी दिवस पर देश के व्यापारियों ने नई पार्टी का गठन किया है, जिसका नाम ‘भारतीय आर्थिक पार्टी’ (बाप) रखा गया है। व्यापारी दिवस मनाने के लिए लुधियाना के नवदीप रिसोर्ट में एक समारोह का आयोजन किया गया था। इस कार्यक्रम में विशेष तौर पर हरियाणा के किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी शामिल हुए और व्यापारियों को समर्थन भी दिया।
. व्यापारियों ने कहा कि उनकी मांगों की ओर राज्य और केंद्र में से कोई ध्यान नहीं दे रहा। ऐसे में अब उन्होंने राजनीति में आने का फैसला किया है। समारोह के आयोजक व्यापारी तरुण जैन ने बताया कि केंद्र सरकार ने व्यापारी वर्ग का बुरा हाल कर दिया है। टैक्सों की मार जारी है और व्यापारी बेहद बुरे हाल में है। इसलिए पूरे देश के व्यापारियों को इक्ट्ठा किया गया है। हमने फैसला लिया है कि व्यापारियों की खुद की पार्टी होनी चाहिए ताकि वह अपनी मांगे मनवा सकें।
. अब जब व्यापारी लोकसभा और विधानसभा पहुंचेगा तो अपनी बात मनवा सकेगा। हम सभी वर्गों किसानों और अन्य लोगों को साथ लेकर चलेंगे। इस कड़ी में आगे सभी प्रदेशों के प्रमुख व्यापारी नेताओ से बात की जाएगी तथा भारतीय आर्थिक पार्टी (बाप) का विस्तार देश भर में किया जाएगा, गाजियाबाद के प्रमुख व्यापारी नेताओ से भी बात की गई है जिससे उत्तर प्रदेश के आगामी चुनावों में पार्टी को चुनाव मैदान में उतारा जा सके।
किसानों को भी राजनीति में आना चाहिएः चढूनी इस मौके पर गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि अब व्यापारियों के बाद किसानों को भी राजनीति में आना चाहिए। वह इस बारे में बात कह चुके हैं। मगर उनकी बात को कोई गंभीरता से नहीं ले रहा। संयुक्त किसान मोर्चे के मुद्दे पर उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वह खुद ही साइड हुए हैं। मगर किसानी संघर्ष में अपना योगदान देते रहेंगे।
