
राइज प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा राइज ऑर्गेनिक होम के नाम से गाजियाबाद में नेशनल हाइवे 24 पर कोलंबिया एशिया अस्पताल के सामने 2015 में एक फ्लेटो की योजना निकाली गईं थी जिसमे बड़े बड़े सपने दिखाते हुए इसे शहर के सबसे अच्छी प्रदूषण मुक्त एवम पूर्ण रूप से नियोजित योजना बताते हुए सैकड़ों फ्लैटो की बुकिंग की गई थी।
बिल्डर द्वारा कई वर्षो तक बुकिंग कराने वाले खरीददारों से पैसा लिया जाता रहा और प्रोजेक्ट का निर्माण नहीं किया गया आज जबकि इस योजना को लगभग 7 साल हो चुके हैं तब भी वहां पर कोई प्रोजेक्ट अभी पूरा नहीं हुआ है बिल्डर द्वारा आवंटियो से लगातार पैसों की मांग की जा रही है जबकि अभी तक ना तो प्रोजेक्ट का काम पूरा हुआ है ना ही विभिन्न विभागों से जरूरी ओसी / एनओसी आदि सर्टिफिकेट भी नहीं लिए गए हैं ।
परेशान आवंटियों ने बताया के जब बिल्डर द्वारा काम ही नहीं पूरा हुआ तो ऐसे में बिल्डर को और पैसा कैसे दिया जा सकता है पिछले जो भुगतान दिए गए हैं उन पैसों का ही डर लग रहा है और अब बिल्डर उल्टा आवंटीओ को उनके बुक किए गए फ्लैट को कैंसिल करने की धमकी देते हुए उनके आवंटन के जमा पैसे मैं से भी कटौती करके उनको पैसे वापस देने की बात कर रहा है ऐसे में बिल्डर द्वारा इस समय लगभग 7 वर्षों से खरीददारों का पैसा इस्तेमाल किया गया
परेशान आवंटी लगातार जिला प्रशासन एवं जीडीए के चक्कर काट रहे हैं कुछ आवंटियो ने तो बिल्डर के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने और प्रेस कॉन्फ्रस करके इस के काले कारनामों को उजागर करने की बात कही है
सरकार के द्वारा आवंटियों को सहूलियत देने व उनके हितों की रक्षा की नियत से रेरा कानून भी लागू किया गया है परंतु यह बिल्डर रेरा की भी चिंता नहीं कर रहा और लगातार आवंटियों के हितों के विरुद्ध कार्य कर रहा है रेरॉ द्वारा इस बिल्डर के प्रोजेक्ट राइज होम के विरुद्ध विभिन्न मामलो में करोड़ों रुपयों की रिकवरी भी जारी की गई तथा हाई कोर्ट द्वारा भी बिल्डर की विरुद्ध आदेश दिए गए है जिन पर भी कारवाही की जानी लंबित है।
अब राइज ऑर्गेनिक होम के विरुद्ध भी आवंटी रेरा में मामले दाखिल कर रहे है तथा जिला प्रशासन एवम गाजियाबाद विकास प्राधिकरण से शिकायत कर रहे है यह देखना दिलचस्प होगा कि परेशान आवंटियों को कुछ सफलता मिलती है या बड़े बिल्डर पूर्व की भांति अपने धन बल व् ऊंची पहुंच के बल पर आवंटियों को नुकसान पहुंचाते है।
