
गाजियाबाद में भाजपा के पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी होते ही बगावत के दौर शुरू हो गए है अनेक प्रमुख कार्यकर्ताओं के नाम काट कर पैसे लेकर टिकिट बांटने के आरोप लग रहे है।
राजनगर मंडल अध्यक्ष विनीत शर्मा जो की राज नगर के वार्ड से टिकट मांग रहें थे उनका नाम काटकर अन्य व्यक्ति को टिकट दिया गया है जिससे नाराज विनीत शर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है उन्होंने भाजपा के महानगर मंत्री पर पैसे लेकर टिकट बेचने का आरोप लगाया है उन्होंने महानगर मंत्री के व्हाट्सएप चैट व् ऑडियो काल वायरल किए है
उधर अनेक अन्य कार्यकर्ता टिकिट न मिलने से नाराज होकर भाजपा कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए है भाजपा के नेता अब उन कार्यकर्ताओं के फोन भी नही उठा रहे।
इस प्रकार का असंतोष भाजपा की मेयर प्रत्याशी बनाई गई सुनीता दयाल को लेकर भी है जिनके व्यवहार से कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं है। आज उनका टिकिट फाइनल होने के बाद जब कार्यकर्ता उनके नेहरू नगर स्थित आवास पर बधाई एवम शुभकामनाए देने पहुंचे तो मात्र कुछ कार्यकर्ताओं से मिलने के बाद उन्होंने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से मीटिंग करने के लिए कमरा बंद कर लिया उसके बाद जब काफी देर बाद वो बाहर आई तो भी कार्यकर्ताओं से खुशी से मिलने की जगह अपने को व्यस्त बताते हुए कल सुबह चुनाव कार्यालय पर आने को कह दिया जो कार्यकर्ता उनके यहां फूल मिठाई आदि लेकर गए थे वो सब वहीं बाहर छोड़कर नाराजगी के साथ वापिस आ गए। ऐसे में कार्यकर्ता महापौर प्रत्याशी के लिए कितने उत्साह से काम करेंगे इस पर प्रश्न चिन्ह है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक खबर ये भी है की टिकट की सूची में अपने कार्यकर्ताओं के नाम न होने से नाराज गाजियाबाद के सांसद जनरल वी के सिंह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से बातचीत करने जब दिल्ली स्थित यू पी भवन पहुंचे तो प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने जनरल के लिए दरवाजा भी नही खोला ऐसी परिस्थितियों में गाजियाबाद नगर निगम में भाजपा की राह आसान नहीं होगी।
