
श्री गणेशाय नमः । इस वर्ष भी रक्षाबंधन की तिथि को लेकर काफी भ्रम बना हुआ है लोगो में इस त्योहार की तारीख को लेकर बहुत चर्चा है की पर्व 30 अगस्त को मनाए या 31 अगस्त को। इस संबंध में हमने प्राचीन गौरी शंकर मंदिर के प. सर्विंद दीक्षित जी से बात की ।
प. सरविंद दीक्षित के अनुसार पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष भी रक्षा बंधन का मुहूर्त अल्पकालिक है। शास्त्र अनुसार जिस दिन पुर्णिमा दिन के 12 बजे से रात्रि 12 तक हो, तथा भद्रा रहित भी हो, उसी पुर्णिमा मे रक्षाबंधन पर्व मनाया जाना चाहिए।
“भद्रायां द्वे न कर्तव्ये श्रावणी फाल्गुनी” तथा पुरूषार्थ चिन्ता मणि के अनुसार “यदा द्वितीयापराह्णात् पुर्व समाप्ता तदापि भद्रायां द्वे न कर्तव्ये ”
परंतु कुछ लोग भ्रम के कारण 31 अगस्त 2023 को रक्षाबंधन पर्व मनाने का परामर्श दे रहे हैं, जो कि शास्त्र सम्मत नहीं है। अतः 30 अगस्त 2023 को भद्रा पुच्छकाल सायंकाल 5:32 से 6:32 तक अथवा भद्रा समाप्त होने पर रात्रि काल में 9:30 बजे के बाद रक्षाबंधन पर्व को मनाया जाना चाहिए ।
इस संबंध में अन्य शास्त्रो का प्रमाण भी है
🌷धर्म सिंधु 🌹
उदये त्रिमुहूर्तन्यूत्वे पूर्वेदयु: भद्रा रहिते
प्रदोषादिकाले कार्यम्।
🌹 निर्णयामृत 🌹
तत् (भद्रा)सत्वे तु रात्रावपि तदन्ते कुर्यात् ।
इस प्रकार रक्षाबंधन का पर्व 30 अगस्त को मनाया जाना श्रेष्ठ रहेगा । रक्षाबंधन पर्व की सभी को शुभकामनाएं।

