
आज देशभर में महिलाएं अपने पति की लम्बी उम्र की कामना और पति के उत्तम स्वास्थ के लिए करवा चौथ का व्रत रख रही है. करवा चौथ का व्रत चाँद को देखने के बाद ही खोला जाता है. लेकिन अगर मौसम खराब हो और बादलों के बीच आपको चाँद ही नज़र ना आये या अगर चाँद ही नहीं निकले तो आप अपना व्रत कैसे खोलेगी ?
अगर ऐसा होता है तो आपको मायूस होने की जरुरत नहीं है, बिना चाँद देखे भी आप यह व्रत पूरे विधि-विधान के साथ खोल सकती है। आपको बता दे कि आपने अगर अपने पति के लिए करवा चौथ का व्रत रखा है और अब आप चाँद देखने के बाद व्रत खोलना चाहती है और चाँद ही बादलों के कारण नहीं दिख रहा है, तो परेशान मत होइए।
आप शुभ मुहूर्त में पूजन करने की तैयारी कर ले इसके लिए ज्योतिषाचार्यो ने बताया है कि आप सबसे पहले पूजा की चौकी सजाएं फिर चौकी सजाने के बाद उस पर लाल कपड़े के ऊपर चावल से चांद की आकृति बना दे, इसके बाद ओम चतुर्थ चंद्राय नमः मंत्र का जाप करके चंद्रमा का आह्वान कीजिए इसके बाद आप विधि-विधान से पूजन कर अपना व्रत पूरा कर ले।
आपको बता दे कि इस बार करवा चौथ सर्वार्थ सिद्धि योग में पड़ रहा है, ज्योतिष के अनुसार ऐसे में चंद्रमा के दर्शन करने से महिलाओं की हर मनोकामना पूर्ण होगी। हमारे यहाँ करवा चौथ का व्रत कुंवारी लड़कियां भी अच्छा पति मिलने की मनोकामना से रखती है।
शास्त्रों के अनुसार गर्भवती, बुजुर्ग एवं रोगी महिलाओं के लिए चंद्र दर्शन अनिवार्य नहीं है।
करवा चौथ व्रत पर अगर चांद ना दिखाई पड़े तो व्रत करने वाली महिलाएं भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रमा के दर्शन करें और चंद्रमा की पूजा करके क्षमा याचना करें, तत्पश्चात पति की पूजा करके व्रत पूर्ण करें।
चांद न दिखाई देने पर चंद्रमा का आह्वान करें और विधि-विधान से पूजा करें. उसके बाद देवी मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए पति का पूजा कर व्रत को पूर्ण करें।
चंद्रोदय के समय चांद के निकलने की दिशा में मुंह करके पूजा करें और मन में मां लक्ष्मी का ध्यान करते हुए पति की पूजा के बाद भोजन ग्रहण कर सकते हैं।
करवा चौथ व्रत पूजा के दिन अगर आपको चांद न दिखाई दे तो ऐसे में महिलायें अगले दिन सूर्योदय के बाद भोजन कर सकती हैं।
गर्भवती, बुजुर्ग एवं बीमार महिलायें चांद न दिखाई देने पर परेशान न हों और वे बिना चाँद देखे ही व्रत का समापन कर सकती हैं।
