

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अवैध रूप से चल रही पार्किंगों पर सख्त रुख अख्तियार किया है। मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद शहरों में अवैध रूप से चल रही पार्किंग बंद कराई जाएगी।
इसके साथ ही सड़कों के किनारे चल रही ऐसी पार्किंग जहां शेड, पेयजल या शौचालय आदि की सुविधा नहीं है, उन ठेकों भी निरस्त किया जाएगा। स्थानीय निकाय यह काम 24 घंटे में करेंगे।
अपर मुख्य सचिव नगर विकास डा. रजनीश दुबे ने इस संबंध में गुरुवार को शासनादेश जारी कर दिया है। शासनादेश में कहा गया है कि शासन की जानकारी में आया है कि वर्तमान में कुछ नगर निकायों में सड़क की पटरियों और ऐसे स्थलों पर जहां मूलभूत जरूरी सुविधाएं जैसे शेड, पेयजल, शौचालय आदि की सुविधाएं न होने के बाद भी पार्किंग शुल्क की वसूली की जा रही है। कुछ स्थानों पर अवैध रूप से पार्किंग के ठेकों का संचालन भी किया जा रहा है।
नगर निकाय क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित पार्किंग को बंद कराने और सड़क की पटरियों पर जरूरी सुविधा के बिना चल रही पार्किंग ठेके को नियमानुसार निरस्त करने की कार्यवाही की जाएगी। यह कार्यवाही प्रत्येक दशा में 24 घंटे में पूरी कर ली जाएगी। यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि प्रत्येक वैध पार्किंग स्थल में पार्किंग दरों की सूची, नगर निगम के उत्तरदायी अधिकारियों के नाम, पदनाम व मोबाइल नंबर का बोर्ड लगाकर सार्वजनिक किया जायेगा।

गजियाबाद में अनेक स्थानों पर इस प्रकार की अवैध पार्किंग स्थानीय नेताओं, पार्षदों की मिलीभगत से चल रही है प्रमुख अस्पताल के सामने, माल व कांप्लेक्स के सामने संचालित इस प्रकार की अवैध पार्किंग से प्रतिमाह लाखों रूपयो की कमाई की जाती है साल भर में इस प्रकार की अवैध पार्किंग से करोड़ो रुपए की कमाई की जाती है क्या गजियाबाद नगर निगम इन अवैध पार्किंग को हटाने का साहस कर पायेगा क्योंकि यह सभी प्रभावशाली व्यक्तियों की सर परस्ती में चल रही है।
शासनादेश में कहा गया है कि अवैध रूप से संचालित पार्किंग स्थलों को बंद कराने और जरूरी मूलभूत सुविधाओं के बिना सड़क के किनारे पार्किंग संचालित न होने संबंधी प्रमाण पत्र नगर आयुक्तों व अधिशासी अधिकारियों द्वारा शासन और स्थानीय निकाय निदेशक को देना होगा। इसके बाद अवैध पार्किंग या सड़क की पटरी के किनारे पार्किंग चलने की सूचना मिलने पर संबंधित नगर आयुक्त व अधिशासी अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।