
. नगर निगम गाजियाबाद ने अब कॉमर्शियल लाइसेंस अनिवार्य कर दिया है। अब शहर में कारोबार करने वालों के लिए लाइसेंस शुल्क तय कर दिया गया है। इस निर्णय के बाद लाइसेंस शुल्क जमा करने के बाद ही शहरी क्षेत्र में लोग व्यवसाय कर सकेंगे। यह कॉमर्शियल लाइसेंस नहीं लेने वालों पर नगर निगम सख्ती करेगा। गजियाबाद नगर निगम की तरफ से पांच सितारा होटल, अस्पताल से लेकर रिक्शा तक हर व्यवसाय का वार्षिक शुल्क तय किया गया है।
. गाजियाबाद के शहरी क्षेत्र में व्यवसाय करने वालों के लिए कॉमर्शियल लाइसेंस अब अनिवार्य है। यह लाइसेंस नगर निगम से जारी होता है। शासन के आदेश के बाद भी ज्यादतार लोग लाइसेंस नहीं बनवा रहे हैं। इस बावत नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने सभी जोन के जोनल प्रभारियों को आदेश देकर कहा है कि सभी के लिए कॉमर्शियल लाइसेंस अनिवार्य है। नगर निगम के जोनल दफ्तर से कॉमर्शियल लाइसेंस एक साल के लिए बनवाया जा सकता है ।
. नगर निगम द्वारा होटल, गेस्ट हाउस, बारातघर के लिए एक हजार रुपये का शुल्क निर्धारित किया है जबकि तीन सितारा होटल का नौ हजार और पांच सितारा होटल का लाइसेंस 12 हजार में बनाया जाएगा। 20 बेड का नर्सिंग होम का दो हजार और 20 बेड से ऊपर वाले नर्सिंग होम का लाइसेंस पांच हजार में बनेगा। निजी क्लीनिक का पांच हजार, पौथेलॉजी सेंटर का एक हजार, एक्सरे क्लीनिक का दो हजार, डेंटल क्लीनिक का चार हजार, फाइनेंस कंपनी का छह हजार, इन्श्योरेंस कंपनी (प्रत्येक शाखा) का 12 हजार, पशु वधशाला का एक हजार, बार एवं बियर की दुकान का छह हजार, देसी शराब की दुकान का 600 रुपये, विदेशी शराब की दुकान का 12 हजार, आइस फैक्ट्री का एक हजार, बिल्डर्स का पांच हजार, भैंसा मास की दुकान का तीन हजार रुपये में लाइसेंस बनाया जाएगा। दो सीटर ऑटो रिक्शा का लाइसेंस 360 रुपये,सात सीटर ऑटो रिक्शा का 720 रुपये, चार सीटर का 500 रुपये, मिनी बस का 1500 रुपये बस का 2500 रुपये, तांगे का 50 रुपये, रिक्शा का 150 रुपये, ठेली का 100 रुपये, बैलगाड़ी का 25 रुपये और ट्रॉली का 150 रुपये में लाइसेंस बनेगा।
. नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया यह नियम स्कूल और कॉलेज बसों के लिए भी अनिवार्य होगा, शहरी क्षेत्र में स्थित सभी स्कूल, कॉलेजों में संचालित बसों को भी लाइसेंस बनवाना होगा। लाइसेंस नहीं होने पर बसों को सील करने की कार्रवाई की जाएगी।


